सिनजेन्टा कवच एक व्यापक-स्पेक्ट्रम संपर्क फफूंदनाशक है जिसमें क्लोरोथालोनिल 75% डब्ल्यूपी होता है, जिसे विभिन्न प्रकार के फंगल रोगों के खिलाफ प्रभावी निवारक नियंत्रण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी मल्टी-साइट कार्यप्रणाली फंगल बीजाणु अंकुरण को रोककर और फसलों को संक्रमण से बचाकर रोग के विकास को रोकने में मदद करती है। कवच को फल, सब्जियां और खेत की फसलों में विश्वसनीय रोग प्रबंधन के लिए किसानों द्वारा व्यापक रूप से विश्वसनीय माना जाता है।
🌱 तकनीकी विवरण
तकनीकी सामग्री: क्लोरोथालोनिल 75% डब्ल्यूपी
प्रवेश का तरीका: संपर्क
कार्यप्रणाली: मल्टी-साइट फफूंदनाशक जो फंगल बीजाणु अंकुरण को रोकता है और फंगल चयापचय को बाधित करता है।
सूत्रीकरण: वेटेबल पाउडर (डब्ल्यूपी)
✅ मुख्य विशेषताएं और लाभ
कई फंगल रोगों के खिलाफ व्यापक-स्पेक्ट्रम सुरक्षा।
उत्कृष्ट निवारक रोग नियंत्रण।
एंथ्रेक्नोज, फल सड़न, रस्ट, डाउनी मिल्ड्यू, ब्लाइट और पत्ती धब्बे जैसे रोगों के खिलाफ प्रभावी।
मल्टी-साइट क्रिया प्रतिरोध विकसित होने के जोखिम को कम करती है।
समान कवरेज और लंबे समय तक फसल सुरक्षा प्रदान करता है।
एकीकृत रोग प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त।
🎯 लक्षित रोग
एंथ्रेक्नोज
फल सड़न
रस्ट
डाउनी मिल्ड्यू
अर्ली ब्लाइट
लेट ब्लाइट
टिक्का लीफ स्पॉट
🌾 अनुशंसित फसलें
मूंगफली
आलू
अंगूर
मिर्च
📋 अनुशंसित खुराक
फसल
लक्षित रोग
खुराक/एकड़
पानी की आवश्यकता
पीएचआई (दिन)
मूंगफली
टिक्का लीफ स्पॉट, रस्ट
300 ग्राम
200 लीटर
14
आलू
अर्ली और लेट ब्लाइट
300 ग्राम
200 लीटर
14
अंगूर
एंथ्रेक्नोज, डाउनी मिल्ड्यू
400 ग्राम
200 लीटर
60
मिर्च
फल सड़न
250 ग्राम
200 लीटर
10
🚜 उपयोग का तरीका
फसल पर स्प्रे के रूप में लगाएं।
फसल की पत्तियों पर समान कवरेज सुनिश्चित करें।
सर्वोत्तम परिणामों के लिए अनुशंसित पानी की मात्रा का उपयोग करें।
गंभीर रोग संक्रमण से पहले निवारक रूप से लगाएं।
🛡️ सुरक्षा सावधानियां
उपयोग करने से पहले उत्पाद लेबल को ध्यान से पढ़ें।
संभालते और छिड़काव करते समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
सांस लेने और सीधे त्वचा के संपर्क से बचें।
बच्चों, जानवरों, भोजन और पानी के स्रोतों से दूर रखें।
सीधी धूप से दूर ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें।
🏛️ सरकारी दिशानिर्देश
केवल राज्य कृषि विभाग और स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सिफारिशों के अनुसार ही उपयोग करें।
स्थायी फसल सुरक्षा के लिए एकीकृत रोग प्रबंधन (आईडीएम) प्रथाओं का पालन करें।
अनुशंसित खुराक से अधिक न करें।
फसल काटने से पहले निर्धारित प्री-हार्वेस्ट इंटरवल (पीएचआई) का पालन करें।
📌 अस्वीकरण
दी गई जानकारी केवल संदर्भ उद्देश्यों के लिए है। आवेदन करने से पहले हमेशा उत्पाद लेबल और साथ में दिए गए लीफलेट पर दिए गए निर्देशों को पढ़ें और उनका पालन करें। परिणाम फसल के चरण, रोग के दबाव, मौसम की स्थिति और खेत प्रबंधन प्रथाओं के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।